चूडियाँ कायरता की निशानी कैसे हो सकती है? ।

जब भी कोई सरकार या प्रशासन किसी कार्य में असफल होते है, तो विरोध के रूप में चूडियाँ भेजते है या दिखाते है।
यह काम भाजपा की स्मृति ईरानी से लेकर NSUI की आम महिला कार्यकर्ता करती आयी है और कर भी रही है।
कायरता का पर्याय चूडियाँ है या महिलाएं?
एक तरफ हम महिलाओं की समानता की बात करते हैं और दूसरी ओर कायरता के पर्याय में महिलाओं को ही प्रोजेक्ट करते हैं।
गजब है दोगलापन!!
दुखः तब होता है जब महिलाएं भी इन में शामिल होती है।
अगर सच में हमारा समाज चूडियों को लेकर महिलाओं को कायर मानता है तो आज से ही महिलाओं को चूडियाँ पहनना बंद कर देना चाहिए।
भले ही आपकी "अखंड सौभाग्यवती" की उपाधि खत्म हो जाए!!।

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