कुछ सोशल मीडिया से दूरी।
सबसे पहले यहां आने के लिए शुक्रिया।
आजकल जिस रफ्तार से सोशल मीडिया में गंदगी फैल रही है, उसे देख कर मेरा मन भर गया है।
आप रहने की खातिर रह लेते होंगे, लेकिन मुझसे ये नहीं होता। आप वॉट्स एप के 100-200 ग्रुप में दिखावे के लिए रह लेते होंगे क्योंकि न रहने से नेगेटिव मेसेज जाने की आपके पास नाजायज वजह है , पर इतनी सारी गंदगी में नहीं पढ पाता। न रहने की यही एक वास्तविक वजह हे मेरे पास। आप किसी की भी पोस्ट को बिना पढे, बिना हकीकत जाने लाइक, कमेंट और शेर (साजा) करने का टेलेंट रखते हो, वो मुझमें नहीं है। फालतू चीजो के लिए मेरे पास फोन, दिमाग की अतिरिक्त मेमरी भी नहीं है और नाही इन्टरनेट डाटा।
एसा नहीं है कि सोशल मीडिया के फायदे नहीं लेकिन हमने उसका जो हालत बनाया है उसके लिए वो बना नहीं था।
आप अपनी परिस्थिति के नजरिए से दूसरों की परिस्थिति का अंदाजा नहीं लगा सकते।
कुछ लोग अपनी नौटंकियों का प्रदर्शन करते फिरते रहते हैं , वो अब करते रहे।
एसा जरुरी थोडी ना है , जो सैनिक लड रहा है , वो मर के दिखाएं तो ही माना जाए। है न?
इन्हीं बूरी चीजो के साथ कुछ अच्छी चीजें भी miss करुंगा।
वैसे भी निंदा और तारीफों से कोसों दूर है मेरा आशियाना।
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